pairo'n ko mire deeda-e-tar baandhe hue hai | पैरों को मिरे दीदा-ए-तर बाँधे हुए है

  - Munawwar Rana
पैरोंकोमिरेदीदा-ए-तरबाँधेहुएहै
ज़ंजीरकीसूरतमुझेघरबाँधेहुएहै
हरचेहरेमेंआताहैनज़रएकहीचेहरा
लगताहैकोईमेरीनज़रबाँधेहुएहै
बिछड़ेंगेतोमरजाएँगेहमदोनोंबिछड़कर
इकडोरमेंहमकोयहीडरबाँधेहुएहै
पर्वाज़कीताक़तभीनहींबाक़ीहैलेकिन
सय्यादअभीतकमिरेपरबाँधेहुएहै
हमहैंकिकभीज़ब्तकादामननहींछोड़ा
दिलहैकिधड़कनेपेकमरबाँधेहुएहै
आँखेंतोउसेघरसेनिकलनेनहींदेतीं
आँसूहैकिसामान-ए-सफ़रबाँधेहुएहै
फेंकी'मुनव्वर'नेबुज़ुर्गोंकीनिशानी
दस्तारपुरानीहैमगरबाँधेहुएहै
  - Munawwar Rana
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy