haan ijaazat hai agar koi kahaanii aur hai | हाँ इजाज़त है अगर कोई कहानी और है

  - Munawwar Rana
हाँइजाज़तहैअगरकोईकहानीऔरहै
इनकटोरोंमेंअभीथोड़ासापानीऔरहै
मज़हबीमज़दूरसबबैठेहैंइनकोकामदो
एकइमारतशहरमेंकाफ़ीपुरानीऔरहै
ख़ामुशीकबचीख़बनजाएकिसेमालूमहै
ज़ुल्मकरलोजबतलकयेबे-ज़बानीऔरहै
ख़ुश्कपत्तेआँखमेंचुभतेहैंकाँटोंकीतरह
दश्तमेंफिरनाअलगहैबाग़बानीऔरहै
फिरवहीउक्ताहटेंहोंगीबदनचौपालमें
उम्रकेक़िस्सेमेंथोड़ीसीजवानीऔरहै
बसइसीएहसासकीशिद्दतनेबूढ़ाकरदिया
टूटे-फूटेघरमेंइकलड़कीसियानीऔरहै
  - Munawwar Rana
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy