chalte chalte ye haalat hui raah men bin pi.e may-kashi ka mazaa aa gaya | चलते चलते ये हालत हुई राह में बिन पिए मय-कशी का मज़ा आ गया

  - Mumtaz Naseem
चलतेचलतेयेहालतहुईराहमेंबिनपिएमय-कशीकामज़ागया
पासकोईनहींथामगरयूँँलगाकोईदिलसेमिरेकेटकरागया
आजपहले-पहलतजरबायेहुआईदहोतीहैऐसीख़बरहीथी
चाँदकोदेखनेघरसेजबमैंचलीदूसराचाँदमेरेक़रीबगया
हवा-ए-चमनमुझपेएहसाँकरनिकहत-ए-गुलकीमुझकोज़रूरतनहीं
इश्क़कीराहमेंप्यारकेइत्रसेमेरेसारेबदनकोवोमहकागया
हिज्रकामेरेदिलमेंअँधेराकिएवोजोपरदेसमेंथाबसेराकिए
जिसकेआनेकाकोईगुमाँभीथादफ़अ'तनमुझकोकेवोचौंकागया
रंग'मुमताज़'चेहरेकाऐसाखिलाज़िंदगीमेंनयाहादिसाहोगया
आइनाऔरमैंदोनोंहैरानथेमैंभीशर्मागईवोभीशर्मागया
  - Mumtaz Naseem
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