अभीनछोड़केजाओकिरातबाक़ीहै
सितारोलौटकेआओकिरातबाक़ीहै
शब-ए-सियाहमेंतन्हाहूँसाएभीहैंमुहीब
चराग़ोंसाथनिभाओकिरातबाक़ीहै
सुकून-ए-दिलकातक़ाज़ाहैमेरेचेहरेसे
नगेसुओंकोहटाओकिरातबाक़ीहै
किसीअज़ाबकीआहटसेनींदटूटगई
दोबाराख़्वाबमेंआओकिरातबाक़ीहै
दिएकीलौसेफ़सूर्दाहैतीरगी‘मौजी’
उसेयक़ीनदिलाओकिरातबाक़ीहै