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Mrkknathji
kabhi paas aakar hansaaya bahut hi
kabhi paas aakar hansaaya bahut hi | कभी पास आकर हँसाया बहुत ही
- Mrkknathji
कभी
पास
आकर
हँसाया
बहुत
ही
कभी
याद
बनकर
रुलाया
बहुत
ही
सितम-गर
सितम
ढा
चले
जा
रहे
थे
न
रोके
रुका
दिल
मनाया
बहुत
ही
दु'आ
का
दवा
का
असर
ही
न
होता
किसी
बद्दुआ
ने
सताया
बहुत
ही
कभी
मौसमों
से
मिले
रंग
रंगी
कभी
मौसमों
ने
रुलाया
बहुत
ही
सनम
बे-क़दर
था
क़दर
ही
न
जानें
हमें
यार
ने
आज़माया
बहुत
ही
- Mrkknathji
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चुरायगा
उसी
से
आँख
क़ातिल
ज़रा
सी
जान
जिस
बिस्मिल
में
होगी
Dagh Dehlvi
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'हर्ष'
वस्ल
में
जितनी
मर्ज़ी
शे'र
कह
लो
तुम
हिज्र
के
बिना
इन
में
जान
आ
नहीं
सकती
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Harsh saxena
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ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
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Jawwad Sheikh
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रहते
थे
कभी
जिन
के
दिल
में
हम
जान
से
भी
प्यारों
की
तरह
बैठे
हैं
उन्हीं
के
कूचे
में
हम
आज
गुनहगारों
की
तरह
Majrooh Sultanpuri
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इश्क़
माशूक़
इश्क़
'आशिक़
है
यानी
अपना
ही
मुब्तला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
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जान
लेना
कि
नया
हाथ
बुलाता
है
तुम्हें
गर
कोई
हाथ
छुड़ाए
तो
छुड़ाने
देना
Ameer Imam
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तेरा
पीछा
करते
करते
जाने
क्यूँ
मैं
दुनियादारी
से
पीछे
छूट
गया
तूने
तो
ऐ
जान
महज़
दिल
तोड़ा
था
तू
क्या
जाने
मैं
अंदर
तक
टूट
गया
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Ritesh Rajwada
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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पत्थर
के
ख़ुदा
पत्थर
के
सनम
पत्थर
के
ही
इंसाँ
पाए
हैं
तुम
शहर-ए-मोहब्बत
कहते
हो
हम
जान
बचा
कर
आए
हैं
Sudarshan Fakir
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ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
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Ritesh Rajwada
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क्या
बतलाएँ
कैसे
कैसे
यार
मिले
जितने
भी
थे
सब
के
सब
ग़द्दार
मिले
Mrkknathji
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एक
एक
करके
पहले
बे-नक़ाब
कर
दिया
रौंद
डाले
फिर
सभी
नक़ाब
ठोकरों
तले
Mrkknathji
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मैं
तेरा
कौन
लगता
हूँ
ये
बस
उसका
ही
मानी
है
नहीं
कुछ
भी
नहीं
है
ये
तो
बस
आँखों
का
पानी
है
तेरी
क़स
में
तेरे
वादे
वो
तेरे
अनगिनत
सपने
नहीं
भूला
नहीं
तू
याद
मुझको
मुँह
ज़ुबानी
है
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Mrkknathji
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जान
कहने
वाले
मुझको
जान
से
ही
मार
दे
सामने
से
आ
मेरे
सीने
में
खंज़र
तार
दे
Mrkknathji
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तेरी
यादों
की
चिता
कब
तक
सजाएँगे
आग
तो
देनी
पड़ेगी
साँझ
से
पहले
Mrkknathji
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