hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mrkknathji
ek ek karke pahle be-naqaab kar diya
ek ek karke pahle be-naqaab kar diya | एक एक करके पहले बे-नक़ाब कर दिया
- Mrkknathji
एक
एक
करके
पहले
बे-नक़ाब
कर
दिया
रौंद
डाले
फिर
सभी
नक़ाब
ठोकरों
तले
- Mrkknathji
Download Sher Image
क्या
बतलाएँ
कैसे
कैसे
यार
मिले
जितने
भी
थे
सब
के
सब
ग़द्दार
मिले
Mrkknathji
Send
Download Image
1 Like
मैं
तेरा
कौन
लगता
हूँ
ये
बस
उसका
ही
मानी
है
नहीं
कुछ
भी
नहीं
है
ये
तो
बस
आँखों
का
पानी
है
तेरी
क़स
में
तेरे
वादे
वो
तेरे
अनगिनत
सपने
नहीं
भूला
नहीं
तू
याद
मुझको
मुँह
ज़ुबानी
है
Read Full
Mrkknathji
Send
Download Image
1 Like
हम
यार
जिनपे
फ़ना
हो
रहे
थे
ख़ुद
गर्ज़
सारे
जुदा
हो
रहे
थे
Mrkknathji
Send
Download Image
2 Likes
जाने
कैसे
कब
मिल
जाते
लब
से
आकर
लब
मिल
जाते
कभी
न
मिलते
आँखों
देखे
मन
से
देखे
रब
मिल
जाते
हिन्दू
मुस्लिम
सिख
ईसाई
इक
दिन
सब
मज़हब
मिल
जाते
गज़लें
कहने
को
मुझको
भी
लहजे
और
अदब
मिल
जाते
अजब
ग़ज़ब
है
भूले
भटके
लड़ते
लड़ते
सब
मिल
जाते
Read Full
Mrkknathji
Download Image
2 Likes
ये
सोचता
हूँ
क्यूँ
किया
आज़ाद
चूमकर
क्यूँ
दिन
गुज़ारे
हमने
तेरी
याद
चूमकर
उस
एक
पल
लगा
कि
ये
सब
सेे
हसीन
है
अगले
ही
पल
वो
कर
गया
बर्बाद
चूमकर
Read Full
Mrkknathji
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bekhudi Shayari
Diversity Shayari
Andhera Shayari
Faasla Shayari
Eid Shayari