is qadar aapse fasla rah gaya | इस क़दर आपसे फ़ासला रह गया

  - Puneet Mishra Akshat
इसक़दरआपसेफ़ासलारहगया
उनसेेक्याक्याकहेंसोचतारहगया
हरदिएकोमुयस्सरनहींरौशनी
रातभरएकजुगनूजलारहगया
मैंनेरस्में-निशानीमेंदिलदेदिया
औरवोथाकेबसबे-वफ़ारहगया
रातभरतिश्नगीमेंतड़पतेरहे
चाँदपहलूमेंफिरसेखड़ारहगया
लौटकरउसनेमुझकोपुकारानहीं
फिरलबोंपेवोक्याकांपतारहगया
उसगुलिस्तांनेदुनियाबसालीमगर
येशज़रआजफिरवादियारहगया
तीरगीकोदिलसेमिटापाएतुम
दिलहमारामहज़आईनारहगया
पासदरियासेगुज़रेमुसाफिरकई
एकमैंथाकेबसदेखतारहगया
  - Puneet Mishra Akshat
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