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Mohd Ashahad
kal talak jo dil men tha vo aaj sadkon par pada hai
kal talak jo dil men tha vo aaj sadkon par pada hai | कल तलक जो दिल में था वो आज सड़कों पर पड़ा है
- Mohd Ashahad
कल
तलक
जो
दिल
में
था
वो
आज
सड़कों
पर
पड़ा
है
वो
फ़क़त
झण्डा
नहीं
अज़मत
है
मेरे
देश
की
- Mohd Ashahad
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सारे
जहाँ
से
अच्छा
हिन्दोस्ताँ
हमारा
हम
बुलबुलें
हैं
इस
की
ये
गुलसिताँ
हमारा
Allama Iqbal
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देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
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मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
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Kanval Dibaivi
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बहुत
मुश्किल
है
कोई
यूँँ
वतन
की
जान
हो
जाए
तुम्हें
फैला
दिया
जाए
तो
हिन्दुस्तान
हो
जाए
Kumar Vishwas
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दिखाते
हैं
पड़ोसी
मुल्क
आँखें
तो
दिखाने
दो
कहीं
बच्चों
के
बोसे
से
भी
माँ
का
गाल
कटता
है
Munawwar Rana
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इसी
जगह
इसी
दिन
तो
हुआ
था
ये
एलान
अँधेरे
हार
गए
ज़िंदाबाद
हिन्दोस्तान
Javed Akhtar
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ऐसा
नहीं
बस
आज
तुझे
प्यार
करेंगे
ता'उम्र
यही
काम
लगातार
करेंगे
सरकार
करेगी
नहीं
इस
देश
का
उद्धार
उद्धार
करेंगे
तो
कलाकार
करेंगे
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Tanoj Dadhich
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सभी
का
ख़ून
है
शामिल
यहाँ
की
मिट्टी
में
किसी
के
बाप
का
हिन्दुस्तान
थोड़ी
है
Rahat Indori
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नक़्शा
ले
कर
हाथ
में
बच्चा
है
हैरान
कैसे
दीमक
खा
गई
उस
का
हिन्दोस्तान
Nida Fazli
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है
राम
के
वजूद
पे
हिन्दोस्ताँ
को
नाज़
अहल-ए-नज़र
समझते
हैं
उस
को
इमाम-ए-हिंद
Allama Iqbal
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उदासी
छाई
रहती
है
कि
सब
अनजान
लगता
है
धड़कता
दिल
तुम्हारी
आस
में
शमशान
लगता
है
चले
आओ
यहाँ
पढ़ने
नहीं
सूरत
दिखाने
ही
ये
कॉलेज
अब
तुम्हारे
बिन
हमें
वीरान
लगता
है
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Mohd Ashahad
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सुनो
ऐसा
करो
तुम
लौट
जाओ
हमारे
दिल
में
गुंजाइश
नहीं
है
Mohd Ashahad
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इंसान
के
हवस
की
कोई
इंतिहा
नहीं
जन्नत
भी
चाहता
है
वो
हूरों
के
वास्ते
Mohd Ashahad
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लोग
कहते
हैं
दिल
लगाई
की
यार
मैंने
तो
जग
हँसाई
की
एक
ही
शख़्स
मैंने
चाहा
था
और
उसने
भी
बे-वफ़ाई
की
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Mohd Ashahad
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मन
लगाना
है
हमें
अब
काम
में
कुछ
नहीं
रक्खा
नशा
ओ
जाम
में
ख़ुद
को
हम
कैसे
बना
लें
देवदास
कुफ़्र
है
मायूसी
जब
इस्लाम
में
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Mohd Ashahad
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