jism se rooh tak ka safar hai | जिस्म से रूह तक का सफ़र है

  - Ankur Mishra
जिस्मसेरूहतककासफ़रहै
लौटआओमोहब्बतअगरहै
उड़गएशाखोंसेवोपरिंदे
दिलतिराजिनकामहफ़ूज़घरहै
साथचलनेकाथावा'दातेरा
अबझुकीक्यूँतिरीयेनज़रहै
दिलपरिंदाबनाउड़ताहैपर
इश्क़मंज़िलनहींयेख़बरहै
लौटआताहूँमैंतन्हावापस
सूनीहरडालीसूनाशजरहै
पासतस्वीरहैउसकीलेकिन
दूरमुझसेेबहुतवोबशरहै
  - Ankur Mishra
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