hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
ab meri amaan men nahin aata
ab meri amaan men nahin aata | अब मेरी अमान में नहीं आता
- Ankur Mishra
अब
मेरी
अमान
में
नहीं
आता
वो
तीर
कमान
में
नहीं
आता
बरसों
मैं
सफ़र
में
था
कभी
लेकिन
वो
मेरी
ज़मान
में
नहीं
आता
अब
किस
सेे
कहूँ
मैं
हाल
ये
अपना
ये
दर्द
अमान
में
नहीं
आता
जाने
दी
है
किसने
बद्दुआ
मुझको
दिल
कब
से
ज़मान
में
नहीं
आता
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
जितने
भी
हैं
ज़ख़्म
तुम्हारे
सिल
देगी
होटल
में
खाने
का
आधा
बिल
देगी
सीधे
मुँह
जो
बात
नहीं
करती
है
जो
तुमको
लगता
है
वो
लड़की
दिल
देगी
Read Full
Shadab Asghar
Send
Download Image
37 Likes
किस
ने
हमारे
शहर
पे
मारी
है
रौशनी
हर
इक
मकाँ
के
ज़ख़्म
से
जारी
है
रौशनी
Nomaan Shauque
Send
Download Image
28 Likes
तीर
पर
तीर
लगाओ
तुम्हें
डर
किस
का
है
सीना
किस
का
है
मिरी
जान
जिगर
किस
का
है
Ameer Minai
Send
Download Image
33 Likes
सब
परिंदों
से
प्यार
लूँगा
मैं
पेड़
का
रूप
धार
लूँगा
मैं
तू
निशाने
पे
आ
भी
जाए
अगर
कौन
सा
तीर
मार
लूँगा
मैं
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
190 Likes
ठीक
से
ज़ख़्म
का
अंदाज़ा
किया
ही
किसने
बस
सुना
था
कि
बिछड़ते
हैं
तो
मर
जाते
हैं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
43 Likes
जो
सारे
ज़ख़्म
मेरे
भर
दिया
करता
उसी
के
नाम
का
ख़ंजर
बनाया
है
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
17 Likes
पुरानी
चाहत
के
ज़ख़्म
अब
तक
भरे
नहीं
हैं
और
एक
लड़की
पड़ी
है
पीछे
बड़े
जतन
से
Ashu Mishra
Send
Download Image
38 Likes
ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
Read Full
Karan Sahar
Send
Download Image
9 Likes
वो
बड़े
प्यार
से
कहते
हैं
कि
आप
अपने
हैं
और
अपनों
को
ही
तो
ज़ख़्म
दिए
जाते
हैं
Akash Rajpoot
Send
Download Image
2 Likes
इक
परिंदा
अभी
उड़ान
में
है
तीर
हर
शख़्स
की
कमान
में
है
Ameer Qazalbash
Send
Download Image
22 Likes
Read More
कितनी
उल्फ़त
थी
कितनी
वफ़ा
है
अब
भी
तेरा
वही
रास्ता
है
ढूँढता
है
किसे
दर-ब-दर
तू
कैसा
ये
दर्द
कैसी
दवा
है
उम्र
भर
मैं
रहा
साथ
जिसके
साया
वो
अब
कहीं
लापता
है
है
यक़ीं
अब
भी
मुझपे
उसे
पर
शख़्स
वो
यार
पागल
बड़ा
है
लौटा
है
जब
से
वो
उस
गली
से
जान
देने
पे
'अंकुर'
अड़ा
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
इस
तरह
भी
याद
आया
कर
इस
तरह
भी
चल
निभाया
कर
कर
नहीं
सकता
वफ़ा
तो
फिर
क़स
में
चल
झूठी
ही
खाया
कर
छोड़
दूँगा
रस्ता
तेरा
मैं
मुझको
यूँँ
मत
आज़माया
कर
भूल
जाऊँगा
मैं
ख़ुद
को
ही
पास
इतना
मत
तू
आया
कर
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
जुड़
सकूँ
ख़ुद
से
कोई
आधार
दे
ऐ
ख़ुदा
साँसों
को
अब
रफ़्तार
दे
पा
लिया
मैंने
बदन
लेकिन
मुझे
इक
मुकम्मल
ज़िंदगी
किरदार
दे
डूब
जाए
तिश्नगी
में
तिश्नगी
यार
सहराओं
को
भी
पतवार
दे
हो
रहे
हैं
राब्ते
ग़ैरों
से
अब
हम-नशीं
मेरे
मिरी
अग़्यार
दे
आख़िरी
तो
आख़िरी
ही
फिर
सही
इक
दफ़ा
ता'बीर
तो
सरकार
दे
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
उसका
सब
कुछ
तो
गवारा
था
कौन
कहता
है
मैं
हारा
था
देखते
हो
क्यूँ
मुझे
ऐसे
तुमने
ही
मुझको
पुकारा
था
जल
रहा
है
जिस्म
ये
अब
तक
दूर
दरिया
से
किनारा
था
एक
वो
ही
बस
नहीं
समझा
आइने
का
क्या
इशारा
था
याद
है
अब
तक
मुझे
सब
कुछ
कैसे
टूटा
वो
सितारा
था
होने
से
पहले
तिरा
हमदम
शख़्स
वो
'अंकुर'
हमारा
था
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
तन्हा
बेज़ार
ही
रहने
दो
सबको
उस
पार
ही
रहने
दो
क्या
पता
लौट
आए
वो
फिर
मुझको
बीमार
ही
रहने
दो
माना
धोखा
है
ये
इश्क़
पर
लब
सिले
यार
ही
रहने
दो
कट
ही
जाएगी
ये
रात
भी
आँखों
में
प्यार
ही
रहने
दो
चोट
खाएंगे
हर
बार
हम
दिल
को
दीवार
ही
रहने
दो
क्या
पता
इश्क़
उसको
भी
हो
जलती
ये
ग़ार
ही
रहने
दो
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Tanhai Shayari
Nature Shayari
Chehra Shayari
Akhbaar Shayari
Taareef Shayari