hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
bas safar hi kar raha hooñ
bas safar hi kar raha hooñ | बस सफ़र ही कर रहा हूँ
- Ankur Mishra
बस
सफ़र
ही
कर
रहा
हूँ
धीरे
धीरे
मर
रहा
हूँ
हाथ
में
कुछ
है
नहीं
पर
खोने
से
क्या
डर
रहा
हूँ
इक
ही
तो
था
यार
मेरा
ढूँढ़
जिसका
घर
रहा
हूँ
अब
करूँँ
किस
सेे
वफ़ा
मैं
इश्क़
ख़ुद
से
कर
रहा
हूँ
कब
उसे
देखा
नहीं
पर
ख़्वाब
उसी
के
भर
रहा
हूँ
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
ख़ौफ़
आता
है
अपने
साए
से
हिज्र
के
किस
मक़ाम
पर
हूँ
मैं
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
22 Likes
हम
वो
हैं
जो
नइँ
डरते
वक़्त
के
इम्तिहान
से
वो
परिंदे
और
थे
जो
डर
गए
आसमान
से
Madhav
Send
Download Image
19 Likes
अक्स-दर-अक्स
बिखरना
है
मुझे
जाने
क्या
टूट
गया
है
मुझ
में
Khalid Moin
Send
Download Image
22 Likes
ख़ुदा,
फ़रिश्ते,
पयम्बर,
बशर
किसी
का
नहीं
मुझे
लिहाज़
तो
सबका
है
डर
किसी
का
नहीं
Charagh Sharma
Send
Download Image
48 Likes
अगर
साए
से
जल
जाने
का
इतना
ख़ौफ़
था
तो
फिर
सहर
होते
ही
सूरज
की
निगहबानी
में
आ
जाते
Azm Shakri
Send
Download Image
23 Likes
हुस्न
ने
शौक़
के
हंगा
में
तो
देखे
थे
बहुत
इश्क़
के
दावा-ए-तक़दीस
से
डर
जाना
था
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
26 Likes
मुझे
अब
तुम
से
डर
लगने
लगा
है
तुम्हें
मुझ
से
मोहब्बत
हो
गई
क्या
Jaun Elia
Send
Download Image
54 Likes
और
हुआ
भी
ठीक
वो
ही
जिसका
डर
था
बोझ
इतना
रख
दिया
था
बुलबुले
पर
Siddharth Saaz
Send
Download Image
14 Likes
अस्ल
में
पाया
ही
'दानिश'
तब
उसे
जब
उसे
खोने
का
डर
जाता
रहा
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
32 Likes
गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
Send
Download Image
9 Likes
Read More
बे-ख़बर
मेरी
तलब
से
है
प्यास
जिस
की
दिल
को
कब
से
है
इन
लकीरों
में
नहीं
शामिल
नाम
होंठों
पे
जो
कब
से
है
एक
मुझ
से
ही
नहीं
वर्ना
राब्ता
'अंकुर'
का
सब
से
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
अब
किसी
शय
से
बहलने
वाला
नहीं
आइने
ये
मुस्कुराने
वाला
नहीं
छोड़
दो
ज़िद
आसमाँ
की
अब
आसमाँ
प्यास
प्यासों
की
बुझाने
वाला
नहीं
हो
मुयस्सर
ये
ज़मीं
पैरों
को
तिरे
है
दु'आ
लेकिन
ये
होने
वाला
नहीं
ढूँढते
हो
बेसबब
'अंकुर'
दर-ब-दर
कोई
अब
रोने
रुलाने
वाला
नहीं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
होंठों
पे
आज
भी
वो
निशाँ
है
हर्फ़
दर
हर्फ़
उल्फ़त
जवाँ
है
मिट
गए
फ़ासले
फ़ासलों
से
इन
लकीरों
में
दोनों
जहाँ
है
बाद
उसके
भी
रहना
है
ज़िंदा
इश्क़
मुश्किल
बड़ा
इम्तिहाँ
है
डर
है
खो
दूँ
न
ख़ुद
को
कहीं
मैं
ख़ामुशी
इतनी
साहिब
यहाँ
है
नींद
आए
भी
तो
कैसे
अंकुर
सर
पे
मेरे
खुला
आसमाँ
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
ज़मीं
का
आसमाँ
होना
है
मुश्किल
कहकशाँ
होना
सदाएँ
याद
आती
हैं
नहीं
आसाँ
मकाँ
होना
ख़बर
है
ये
चराग़ों
को
है
क़िस्मत
में
धुआँ
होना
किनार-ए-बाम
सा
है
कुछ
किसी
का
गुल-फ़िशाँ
होना
बशर
मालूम
है
हमको
बुरा
है
बे-निशाँ
होना
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
ये
गली
उस
गली
से
गुज़रती
नहीं
जिस्म
से
जिस्म
की
खाई
भरती
नहीं
आज
भी
है
वो
क़ाबिज़
मिरी
रूह
पे
यादें
उसकी
दग़ा
मुझ
सेे
करती
नहीं
आदतन
जागता
हूँ
मैं
रातों
को
बस
आदतन
ही
वो
'अंकुर'
मुकरती
नहीं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ehsaas Shayari
Falak Shayari
Husn Shayari
DP Shayari
One sided love Shayari