tum apne shikwe ki baatein na khod khod ke poochho | तुम अपने शिकवे की बातें न खोद खोद के पूछो

  - Mirza Ghalib
तुमअपनेशिकवेकीबातेंखोदखोदकेपूछो
हज़रकरोमिरेदिलसेकिइसमेंआगदबीहै
दिलायेदर्द-ओ-अलमभीतोमुग़्तनिमहैकिआख़िर
गिर्या-ए-सहरीहैआह-ए-नीम-शबीहै
नज़रब-नक़्स-ए-गदायाँकमाल-ए-बे-अदबीहै
किख़ार-ए-ख़ुश्ककोभीदावा-ए-चमन-नसबीहै
हुआविसालसेशौक़-ए-दिल-ए-हरीसज़ियादा
लब-ए-क़दहपेकफ़-ए-बादाजोश-ए-तिश्ना-लबीहै
ख़ुशावोदिलकिसरापातिलिस्म-ए-बे-ख़बरीहो
जुनूनयासअलमरिज़्क़-ए-मुद्दआ-तलबीहै
चमनमेंकिसकेयेबरहमहुइहैबज़्म-ए-तमाशा
किबर्गबर्ग-ए-समनशीशारेज़ा-ए-हलबीहै
इमाम-ए-ज़ाहिर-ओ-बातिनअमीर-ए-सूरत-ओ-मअनी
'अली'वलीअसदुल्लाहजानशीन-ए-नबीहै
  - Mirza Ghalib
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