phir mujhe deeda-e-tar yaad aaya | फिर मुझे दीदा-ए-तर याद आया

  - Mirza Ghalib
फिरमुझेदीदा-ए-तरयादआया
दिलजिगरतिश्ना-ए-फ़रयादआया
दमलियाथाक़यामतनेहनूज़
फिरतिरावक़्त-ए-सफ़रयादआया
सादगी-हा-ए-तमन्नाया'नी
फिरवोनैरंग-ए-नज़रयादआया
उज़्र-ए-वामांदगीहसरत-ए-दिल
नालाकरताथाजिगरयादआया
ज़िंदगीयूँँभीगुज़रहीजाती
क्यूँँतिराराहगुज़रयादआया
क्याहीरिज़वाँसेलड़ाईहोगी
घरतिराख़ुल्दमेंगरयादआया
आहवोजुरअत-ए-फ़रियादकहाँ
दिलसेतंगकेजिगरयादआया
फिरतिरेकूचेकोजाताहैख़याल
दिल-ए-गुम-गश्तामगरयादआया
कोईवीरानीसीवीरानीहै
दश्तकोदेखकेघरयादआया
मैंनेमजनूँपेलड़कपनमें'असद'
संगउठायाथाकिसरयादआया
वस्लमेंहिज्रकाडरयादआया
ऐनजन्नतमेंसक़रयादआया
  - Mirza Ghalib
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