मुद्दतहुईहैयारकोमेहमाँकिएहुए
जोश-ए-क़दहसेबज़्मचराग़ाँकिएहुए
करताहूँजम्अ''फिरजिगर-ए-लख़्त-लख़्तको
अर्साहुआहैदावत-ए-मिज़्गाँकिएहुए
फिरवज़'-ए-एहतियातसेरुकनेलगाहैदम
बरसोंहुएहैंचाकगरेबाँकिएहुए
फिरगर्म-नाला-हा-ए-शरर-बारहैनफ़स
मुद्दतहुईहैसैर-ए-चराग़ाँकिएहुए
फिरपुर्सिश-ए-जराहत-ए-दिलकोचलाहैइश्क़
सामान-ए-सद-हज़ारनमक-दाँकिएहुए
फिरभररहाहूँख़ामा-ए-मिज़्गाँब-ख़ून-ए-दिल
साज़-ए-चमनतराज़ी-ए-दामाँकिएहुए
बाहम-दिगरहुएहैंदिलओदीदाफिररक़ीब
नज़्ज़ाराओख़यालकासामाँकिएहुए
दिलफिरतवाफ़-ए-कू-ए-मलामतकोजाएहै
पिंदारकासनम-कदावीराँकिएहुए
फिरशौक़कररहाहैख़रीदारकीतलब
अर्ज़-ए-मता-ए-अक़्ल-ओ-दिल-ओ-जाँकिएहुए
दौड़ेहैफिरहरएकगुल-ओ-लालापरख़याल
सद-गुलसिताँनिगाहकासामाँकिएहुए
फिरचाहताहूँनामा-ए-दिलदारखोलना
जाँनज़्र-ए-दिल-फ़रेबी-ए-उनवाँकिएहुए
माँगेहैफिरकिसीकोलब-ए-बामपरहवस
ज़ुल्फ़-ए-सियाहरुख़पेपरेशाँकिएहुए
चाहेहैफिरकिसीकोमुक़ाबिलमेंआरज़ू
सुर
मेंसेतेज़दश्ना-ए-मिज़्गाँकिएहुए
इकनौ-बहार-ए-नाज़कोताकेहैफिरनिगाह
चेहराफ़रोग़-ए-मयसेगुलिस्ताँकिएहुए
फिरजीमेंहैकिदरपेकिसीकेपड़ेरहें
सरज़ेर-बार-ए-मिन्नत-ए-दरबाँकिएहुए
जीढूँडताहैफिरवहीफ़ुर्सतकिरातदिन
बैठेरहेंतसव्वुर-ए-जानाँकिएहुए
'ग़ालिब'हमेंनछेड़किफिरजोश-ए-अश्कसे
बैठेहैंहमतहय्या-ए-तूफ़ाँकिएहुए