nikoohish hai saza fariyaadi-e-be-daad-e-dilbar ki | निकोहिश है सज़ा फ़रियादी-ए-बे-दाद-ए-दिलबर की

  - Mirza Ghalib
निकोहिशहैसज़ाफ़रियादी-ए-बे-दाद-ए-दिलबरकी
मबादाख़ंदा-ए-दंदाँ-नुमाहोसुब्हमहशरकी
रग-ए-लैलाकोख़ाक-ए-दश्त-ए-मजनूँरेशगीबख़्शे
अगरबोवेबजा-ए-दानादहक़ाँनोकनिश्तरकी
पर-ए-परवानाशायदबादबान-ए-कश्ती-ए-मयथा
हुईमज्लिसकीगर्मीसेरवानीदौर-ए-साग़रकी
करूँँबे-दाद-ए-ज़ौक़-ए-पर-फ़िशानीअर्ज़क्याक़ुदरत
किताक़तउड़गईउड़नेसेपहलेमेरेशहपरकी
कहाँतकरोऊँउसकेखे़
मेंकेपीछेक़यामतहै
मिरीक़िस्मतमेंया-रबक्याथीदीवारपत्थरकी
ब-जुज़दीवानगीहोताअंजाम-ए-ख़ुद-आराई
अगरपैदाकरताआइनाज़ंजीरजौहरकी
ग़ुरूर-ए-लुत्फ़-ए-साक़ीनश्शा-ए-बे-बाकी-ए-मस्ताँ
नम-ए-दामान-ए-इस्याँहैतरावतमौज-ए-कौसरकी
मिरादिलमाँगतेहैंआरियतअहल-ए-हवसशायद
येजानाचाहतेहैंआजदावतमेंसमुंदरकी
'असद'जुज़आब-ए-बख़्शीदनज़े-दरियाख़िज़्रकोक्याथा
डुबोताचश्मा-ए-हैवाँमेंगरकश्तीसिकंदरकी
  - Mirza Ghalib
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