jis ja naseem shaana-kash-e-zulf-e-yaar hai | जिस जा नसीम शाना-कश-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार है

  - Mirza Ghalib
जिसजानसीमशाना-कश-ए-ज़ुल्फ़-ए-यारहै
नाफ़ादिमाग़-ए-आहु-ए-दश्त-ए-ततारहै
किसकासुराग़जल्वाहैहैरतकोख़ुदा
आईनाफ़र्श-ए-शश-जहत-ए-इंतिज़ारहै
हैज़र्राज़र्रातंगी-ए-जासेग़ुबार-ए-शौक़
गरदामयेहैवुसअ'त-ए-सहराशिकारहै
दिलमुद्दई'दीदाबनामुद्दा-अलैह
नज़्ज़ारेकामुक़द्दमाफिररू-ब-कारहै
छिड़केहैशबनमआईना-ए-बर्ग-ए-गुलपरआब
अंदलीबवक़्त-ए-वदा-ए-बहारहै
पचपड़ीहैवादा-ए-दिल-दारकीमुझे
वोआएयाआएपेयाँइंतिज़ारहै
बे-पर्दासू-ए-वादी-ए-मजनूँगुज़रकर
हरज़र्राकेनक़ाबमेंदिलबे-क़रारहै
अंदलीबयककफ़-ए-ख़सबहर-ए-आशयाँ
तूफ़ान-ए-आमदआमद-ए-फ़स्ल-ए-बहारहै
दिलमतगँवाख़बरसहीसैरहीसही
बे-दिमाग़आईनातिमसाल-दारहै
ग़फ़लतकफ़ील-ए-उम्र'असद'ज़ामिन-ए-नशात
मर्ग-ए-ना-गहाँतुझेक्याइंतिज़ारहै
  - Mirza Ghalib
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