hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Moni Gopal Tapish
ek ghazal phir kehna chaahoon tere-mere pyaar ke naam
ek ghazal phir kehna chaahoon tere-mere pyaar ke naam | एक ग़ज़ल फिर कहना चाहूँ तेरे-मेरे प्यार के नाम
- Moni Gopal Tapish
एक
ग़ज़ल
फिर
कहना
चाहूँ
तेरे-मेरे
प्यार
के
नाम
आधा
तेरी
जीत
का
क़िस्सा
आधा
मेरी
हार
के
नाम
इश्क़
मुहब्बत
के
अफ़साने,रांझा
,मजनूँ
या
फ़रहाद
सब
गुल
बूटे
ख़ुशबू
वाले
लेकिन
हैं
तलवार
के
नाम
- Moni Gopal Tapish
Download Sher Image
है
समझना
आपको
तो
शे'र
से
इज़हार
समझें
बात
कहने
को
भला
हम
फूल
क्यूँ
तोड़ा
करेंगे
Ankit Maurya
Send
Download Image
35 Likes
वो
तो
ख़ुश-बू
है
हवाओं
में
बिखर
जाएगा
मसअला
फूल
का
है
फूल
किधर
जाएगा
Parveen Shakir
Send
Download Image
62 Likes
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
न
उन
लबों
पे
तबस्सुम
न
फूल
शाख़ों
पर
गुज़र
गए
हैं
जो
मौसम
गुज़रने
वाले
थे
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
22 Likes
आज
भी
शायद
कोई
फूलों
का
तोहफ़ा
भेज
दे
तितलियाँ
मंडला
रही
हैं
काँच
के
गुल-दान
पर
Shakeb Jalali
Send
Download Image
21 Likes
किसी
कली
किसी
गुल
में
किसी
चमन
में
नहीं
वो
रंग
है
ही
नहीं
जो
तिरे
बदन
में
नहीं
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
59 Likes
आप
अपने
से
हम-सुख़न
रहना
हमनशीं
साँस
फूल
जाती
है
Jaun Elia
Send
Download Image
63 Likes
वैसे
तो
ज़ेवरों
की
ज़रूरत
नहीं
तुझे
फिर
भी
अगर
ये
फूल
तेरे
काम
आ
सके
Charagh Sharma
Send
Download Image
59 Likes
वो
सिर्फ़
फूल
नहीं
ख़ुद
में
ही
क्यारी
था
हमारा
शे'र
तुम्हारी
ग़ज़ल
पे
भारी
था
सब
उसके
चाहने
वाले
सलाम
करते
थे
मैं
उस
हसीन
का
सब
सेे
बड़ा
पुजारी
था
Read Full
Vishnu virat
Send
Download Image
23 Likes
यूँँ
ही
हमेशा
उलझती
रही
है
ज़ुल्म
से
ख़ल्क़
न
उनकी
रस्म
नई
है,
न
अपनी
रीत
नई
यूँँ
ही
हमेशा
खिलाए
हैं
हमने
आग
में
फूल
न
उनकी
हार
नई
है,
न
अपनी
जीत
नई
Read Full
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
34 Likes
Read More
नीम
बिस्मिल
हवा
आरज़ी
तौर
पर
साँस
लेती
रही
सांँवला
एक
मौसम
दरख़्तों
की
शाख़ों
पे
रक्खा
रहा
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
वो
बिकाऊ
नहीं
उसकी
कोई
मजबूरी
है
पेट
की
भट्टी
का
ईंधन
ही
बहुत
महँगा
है
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
तू
कि
रौशन
दिए
की
महक
की
तरह,सर्द
रातों
के
दिल
में
लहकता
हुआ
मैं
कि
सूरज
का
टुकड़ा
मगर
बुझ
गया,
शाम
के
दर
पे
आख़िर
सिसकता
हुआ
Read Full
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
बारिशें
अब
कि
अजब
रंजिशें
लेकर
आईं
एक
भी
अश्क
न
आँखों
के
ठिकाने
में
रहा
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
मेरी
बरबादियों
की
यूँँ
ख़बर
तुमने
सुनी
होगी
किसे
बर्बाद
कहते
हैं
फ़क़त
मैं
ही
समझता
हूँ
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Gussa Shayari
Andaaz Shayari
Romance Shayari
Aashiq Shayari
Travel Shayari