hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Moni Gopal Tapish
tu ki raushan diye ki mahak ki तरह,सर्द raaton ke dil men
tu ki raushan diye ki mahak ki तरह,सर्द raaton ke dil men | तू कि रौशन दिए की महक की तरह,सर्द रातों के दिल में
- Moni Gopal Tapish
तू
कि
रौशन
दिए
की
महक
की
तरह,सर्द
रातों
के
दिल
में
लहकता
हुआ
मैं
कि
सूरज
का
टुकड़ा
मगर
बुझ
गया,
शाम
के
दर
पे
आख़िर
सिसकता
हुआ
- Moni Gopal Tapish
Download Sher Image
कहीं
कोई
चराग़
जलता
है
कुछ
न
कुछ
रौशनी
रहेगी
अभी
Abrar Ahmad
Send
Download Image
18 Likes
इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
3 Likes
कुछ
फ़र्क़
क्यूँँ
हो
मुझ
में
जो
रौशन
हुए
हैं
आप
जलता
नहीं
है
चाँद
सितारों
को
देखकर
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
27 Likes
मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
Send
Download Image
32 Likes
पहले
ये
काम
बड़े
प्यार
से
माँ
करती
थी
अब
हमें
धूप
जगाती
है
तो
दुख
होता
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
49 Likes
धूप
पड़े
उस
पर
तो
तुम
बादल
बन
जाना
अब
वो
मिलने
आए
तो
उसको
घर
ठहराना।
तुमको
दूर
से
देखते
देखते
गुज़र
रही
है
मर
जाना
पर
किसी
गरीब
के
काम
न
आना।
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
123 Likes
धूप
को
साया
ज़मीं
को
आसमाँ
करती
है
माँ
हाथ
रखकर
मेरे
सर
पर
सायबाँ
करती
है
माँ
मेरी
ख़्वाहिश
और
मेरी
ज़िद
उसके
क़दमों
पर
निसार
हाँ
की
गुंज़ाइश
न
हो
तो
फिर
भी
हाँ
करती
है
माँ
Read Full
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
48 Likes
सभी
के
दीप
सुंदर
हैं
हमारे
क्या
तुम्हारे
क्या
उजाला
हर
तरफ़
है
इस
किनारे
उस
किनारे
क्या
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
29 Likes
ये
भँवरे
रौशनी
खो
देंगे
अपनी
आँखों
की
अगर
चमन
में
जो
कलियाँ
नक़ाब
ओढेंगी
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
रौशनी
आधी
इधर
आधी
उधर
इक
दिया
रक्खा
है
दीवारों
के
बीच
Obaidullah Aleem
Send
Download Image
13 Likes
Read More
इसी
सबब
से
कभी
आँख
भर
नहीं
रोए
तुझे
भुलाया
ही
कब
था
जो
याद
करते
हम
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
अपने
ही
ख़ून
में
ये
जिस्म
नहाएा
अक्सर
मैंने
हिस्सा
कभी
माँगा
नहीं
पाया
अक्सर
लोग
लफ़्ज़ों
को
भी
जागीर
समझ
लेते
हैं
मैंने
लहजा
भी
बनाया
तो
मिटाया
अक्सर
Read Full
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
वो
बिकाऊ
नहीं
उसकी
कोई
मजबूरी
है
पेट
की
भट्टी
का
ईंधन
ही
बहुत
महँगा
है
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
मैं
दिल
भेजूँ
नज़र
भेजूँ
तड़प
भेजूँ
असर
भेजूँ
कहीं
माँगे
गए
हैं
शे'र
अच्छे
मेरी
ग़ज़लों
के
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
सिलसिला
ये
है
कि
अब
वो
भी
ख़फ़ा
रहने
लगा
ख़्वाब
रूठा
मेरी
आँखों
से
जुदा
रहने
लगा
मेरे
एहसास
की
चाँदी
की
चमक
मद्धम
है
जब
से
आपे
में
मुहब्बत
का
ख़ुदा
रहने
लगा
Read Full
Moni Gopal Tapish
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Justaju Shayari
Bechaini Shayari
Politics Shayari
Raat Shayari
Life Shayari