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Mehshar Afridi
itnaa majboor na kar baat banaane lag jaa.e
itnaa majboor na kar baat banaane lag jaa.e | इतना मजबूर न कर बात बनाने लग जाए
- Mehshar Afridi
इतना
मजबूर
न
कर
बात
बनाने
लग
जाए
हम
तेरे
सर
की
क़सम
झूठ
ही
खाने
लग
जाए
इतने
सन्नाटे
पिए
मेरी
समा'अत
ने
कि
अब
सिर्फ़
आवाज़
पे
चाहूँ
तो
निशाने
लग
जाए
मैं
अगर
अपनी
जवानी
के
सुना
दूँ
क़िस्से
ये
जो
लौंडे
हैं
मेरे
पाँव
दबाने
लग
जाए
- Mehshar Afridi
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तेरा
लिक्खा
जो
पढ़ूँ
तो
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तो
तेरा
चेहरा
देखूँ
Bhaskar Shukla
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मोहब्बत
कर
मोहब्बत
कर
यही
बस
कह
रहा
है
दिल
सुन
अपने
दिल
की
तू
ये
ग़ैर
की
आवाज़
थोड़ी
है
Krishnakant Kabk
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गर
कोई
मुझ
सेे
आकर
कहता,
यार
उदासी
है
मैं
उसको
गले
लगाकर
कहता,
यार
उदासी
है
होता
दरवेश
अगर
मैं
तो
फिर
सारी
दो-पहरी
गलियों
में
सदा
लगाकर
कहता,
यार
उदासी
है
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Siddharth Saaz
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अब
उस
के
दर
से
भी
आवाज़
आती
है
कि
नहीं
बता
रे
ज़िन्दगी
तू
बाज़
आती
है
कि
नहीं
बहकने
लगता
है
जब
जब
किसी
के
प्यार
में
दिल
तो
तेरी
याद
यूँंँ
आके
डराती
है
कि
नहीं
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Faiz Ahmad
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बहुत
बर्बाद
हैं
लेकिन
सदा-ए-इंक़लाब
आए
वहीं
से
वो
पुकार
उठेगा
जो
ज़र्रा
जहाँ
होगा
Ali Sardar Jafri
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जब
उसने
पलट
कर
नहीं
देखा
तो
ये
जाना
आवाज़
लगाने
में
भी
नुक़सान
बहुत
है
Imtiyaz Khan
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के
'हैलो'
सुनते
ही
कट
कर
दिया
है
उसने
मेरा
फ़ोन
ख़ुदा
का
शुक्र
है
आवाज़
तो
पहचानता
है
वो
Zubair Ali Tabish
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पहले
कहता
है
जुनूँ
उसका
गिरेबान
पकड़
फिर
मेरा
दिल
मुझे
कहता
है
इधर
कान
पकड़
ऐसी
वहशत
भी
न
हो
घर
के
दरो
बाम
कहें
कोई
आवाज़
ही
ले
आ
कोई
मेहमान
पकड़
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Azbar Safeer
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तेरी
आवाज़
मेरा
रिज़्क
हुआ
करती
थी
तू
मुझे
भूख
से
मारेगा
ये
सोचा
नहीं
था
Rafi Raza
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तेरी
आवाज़
को
इस
शहर
की
लहरें
तरसती
हैं
ग़लत
नंबर
मिलाता
हूँ
तो
पहरों
बात
होती
है
Ghulam Mohammad Qasir
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क़सम
ख़ुदा
की
बड़े
तजरबे
से
कहता
हूँ
गुनाह
करने
में
लज़्ज़त
तो
है
सुकून
नहीं
Mehshar Afridi
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ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
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नेवला
और
साँप
दोनों
लड़ते
लड़ते
थक
गए
इक
तमाशा
कर
के
सब
पैसे
मदारी
ले
गया
Mehshar Afridi
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दबी
कुचली
हुई
सब
ख़्वाहिशों
के
सर
निकल
आए
ज़रा
पैसा
हुआ
तो
च्यूँँटियों
के
पर
निकल
आए
अभी
उड़ते
नहीं
तो
फ़ाख़्ता
के
साथ
हैं
बच्चे
अकेला
छोड़
देंगे
माँ
को
जिस
दिन
पर
निकल
आए
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Mehshar Afridi
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उसी
को
हम
सेफ़र
करना
पड़ेगा
नहीं
तो
दूर
तक
ख़ाली
सड़क
है
Mehshar Afridi
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