ye meer'-e-sitam-kushta kisoo vaqt jawaan tha | ये 'मीर'-ए-सितम-कुश्ता किसू वक़्त जवाँ था

  - Meer Taqi Meer
ये'मीर'-ए-सितम-कुश्ताकिसूवक़्तजवाँथा
अंदाज़-ए-सुख़नकासबबशोरफ़ुग़ाँथा
जादूकीपुड़ीपर्चा-ए-अबयातथाउसका
मुँहतकिएग़ज़लपढ़तेअजबसेहर-बयाँथा
जिसराहसेवोदिल-ज़दादिल्लीमेंनिकलता
साथउसकेक़यामतकासाहंगामारवाँथा
अफ़्सुर्दाथाऐसाकिजूँआब-ज़दाख़ाक
आँधीथीबलाथाकोईआशोब-ए-जहाँथा
किसमर्तबाथीहसरत-ए-दीदारमिरेसाथ
जोफूलमिरीख़ाकसेनिकलानिगराँथा
मजनूँकोअबसदावा-ए-वहशतहैमुझीसे
जिसदिनकिजुनूँमुझकोहुआथावोकहाँथा
ग़ाफ़िलथेहमअहवाल-ए-दिल-ए-ख़स्तासेअपने
वोगंजउसीकुंज-ए-ख़राबीमेंनिहाँथा
किसज़ोरसेफ़रहादनेख़ारा-शिकनीकी
हर-चंदकिवोबेकसबे-ताब-ओ-तवाँथा
गो'मीर'जहाँमेंकिन्होंनेतुझकोजाना
मौजूदथातूतोकहाँनाम-ओ-निशाँथा
  - Meer Taqi Meer
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