kis husn se kahooñ main us ki khush-akhtari ki | किस हुस्न से कहूँ मैं उस की ख़ुश-अख़तरी की

  - Meer Taqi Meer
किसहुस्नसेकहूँमैंउसकीख़ुश-अख़तरीकी
इसमाह-रूकेआगेक्याताबमुश्तरीकी
रखनाथाक़दमयाँजूँबादबे-ताम्मुल
सैरइसजहाँकीरहरवपरतूनेसरसरीकी
शुब्हाबहालसगमेंइकउम्रसिर्फ़कीहै
मतपूछइननेमुझसेजोआदमी-गरीकी
पाएगुलउसचमनमेंछोड़ागयाहमसे
सरपरहमारेअबकेमन्नतहैबे-परीकी
पेशातोएकहीथाउसकाहमारालेकिन
मजनूँकेतालेओंनेशोहरतमेंयावरीकी
गिर्येसेदाग़-ए-सीनाताज़ाहुएहैंसारे
येकिश्त-ए-ख़ुश्कतूनेचश्मफिरहरीकी
येदौरतोमुआफ़िक़होतानहींमगरअब
रखिएबिना-ए-ताज़ाइसचर्ख़-ए-चम्बरीकी
ख़ूबाँतुम्हारीख़ूबीता-चंदनक़्लकरिए
हमरंजा-ख़ातिरोंकीक्याख़ूबदिलबरीकी
हमसेजो'मीर'उड़करअफ़्लाक-ए-चर्ख़मेंहैं
उनख़ाकमेंमलूँकीकाहेकोहमसेरीकी
  - Meer Taqi Meer
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