KHush na aayi tumhaari chaal ha | ख़ुश न आई तुम्हारी चाल हमें

  - Meer Taqi Meer
ख़ुशआईतुम्हारीचालहमें
यूँँकरनाथापाएमालहमें
हालक्यापूछपूछजातेहो
कभूपातेभीहोबहालहमें
वोदहाँवोकमरहीहैमक़्सूद
औरकुछअबनहींख़यालहमें
इसमह-ए-चारदहकीदूरीने
दसहीदिनमेंकियाहिलालहमें
नज़रआतेहैंहोतेजीकेवबाल
हल्क़ाहल्क़ातुम्हारेबालहमें
तंगीइसजाकीनक़लकियाकरिए
याँसेवाजिबहैइंतिक़ालहमें
सिर्फ़लिल्लाहख़मकेख़मकरते
क्याचर्ख़नेकलालहमें
मुग़-बचेमालमस्तहमदरवेश
कौनकरताहैमुश्त-मालहमें
कबतकउसतंगनामेंखींचिएरंज
याँसेयारबतूहीनिकालहमें
तर्कसब्ज़ान-ए-शहरकरिएअब
बसबहुतकरचुकेनिहालहमें
वज्हकियाहैकि'मीर'मुँहपेतिरे
नज़रआताहैकुछमलालहमें
  - Meer Taqi Meer
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