khoob the ve din ki ham tere giriftaaron men the | ख़ूब थे वे दिन कि हम तेरे गिरफ़्तारों में थे

  - Meer Taqi Meer
ख़ूबथेवेदिनकिहमतेरेगिरफ़्तारोंमेंथे
ग़म-ज़दोंअंदोह-गीनोंज़ुल्मकेमारोंमेंथे
दुश्मनीजानीहैअबतोहमसेग़ैरोंकेलिए
इकसमाँसाहोगयावोभीकिहमयारोंमेंथे
मततबख़्तुरसेगुज़रक़ुमरीहमारीख़ाकपर
हमभीइकसर्व-ए-रवाँकेनाज़-बरदारोंमेंथे
मरगएलेकिनदेखातूनेऊधरआँखउठा
आहक्याक्यालोगज़ालिमतेरेबीमारोंमेंथे
शैख़-जीमिंदीलकुछबिगड़ीसीहैक्याआपभी
रिंदोंबाँकोंमय-कशोंआशुफ़्तादस्तारोंमेंथे
गरचेजुर्म-ए-इश्क़ग़ैरोंपरभीसाबितथावले
क़त्लकरनाथाहमेंहमहीगुनहगारोंमेंथे
इकरहामिज़्गाँकीसफ़मेंएककेटुकड़ेहुए
दिलजिगरजो'मीर'दोनोंअपनेग़म-ख़्वारोंमेंथे
  - Meer Taqi Meer
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