haal-e-dil meer ka ro ro ke sab ai maah suna | हाल-ए-दिल 'मीर' का रो रो के सब ऐ माह सुना

  - Meer Taqi Meer
हाल-ए-दिल'मीर'कारोरोकेसबमाहसुना
शबकोअल-क़िस्साअजबक़िस्सा-ए-जाँ-काहसुना
ना-बलदहोकेरह-ए-इश्क़मेंपहुँचूँतोकहीं
हमराख़िज़रकोयाँकहतेहैंगुमराहसुना
कोईइनतौरोंसेगुज़रेहैतिरेग़ममेंमिरी
गाहतूनेसुनाहालमिरागाहसुना
ख़्वाब-ए-ग़फ़लतमेंहैंयाँसबतोअबसजागा'मीर'
बे-ख़बरदेखाउन्हेंमैंजिन्हेंआगाहसुना
  - Meer Taqi Meer
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