gham us ko saari raat sunaaya to kya hua | ग़म उस को सारी रात सुनाया तो क्या हुआ

  - Meer Taqi Meer
ग़मउसकोसारीरातसुनायातोक्याहुआ
यारोज़उठकेसरकोफिरायातोक्याहुआ
उननेतोमुझकोझूटेभीपूछाएकबार
मैंनेउसेहज़ारजतायातोक्याहुआ
ख़्वाहाँनहींवोक्यूँँहीमैंअपनीतरफ़सेयूँँ
दिलदेकेउसकेहाथबिकायातोक्याहुआ
अबसईकरसिपहरकिमेरेमूएगए
उसकामिज़ाजमेहरपेआयातोक्याहुआ
मतरंजाकरकिसीकोकिअपनेतोए'तिक़ाद
दिलढाएकरजोका'बाबनायातोक्याहुआ
मैंसैद-ए-नातवाँभीतुझेक्याकरूँँगायाद
ज़ालिमइकऔरतीरलगायातोक्याहुआ
क्याक्यादुआएँमाँगीहैंख़ल्वतमेंशैख़यूँँ
ज़ाहिरजहाँसेहाथउठायातोक्याहुआ
वोफ़िक्रकरकिचाक-ए-जिगरपावेइल्तियाम
नासेहजोतूनेजामासुलायातोक्याहुआ
जीतेतो'मीर'उननेमुझेदाग़हीरक्खा
फिरगोरपरचराग़जलायातोक्याहुआ
  - Meer Taqi Meer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy