daaman-e-koh men jo men daadh maar roya | दामान-ए-कोह में जो में डाढ़ मार रोया

  - Meer Taqi Meer
दामान-ए-कोहमेंजोमेंडाढ़माररोया
इकअब्रवाँसेउठकरबे-इख़्तियाररोया
पड़ताथाभरोसाअहद-ए-वٖफ़ा-ए-गुलपर
मुर्ग़-ए-चमनसमझामैंतोहज़ाररोया
हरगुलज़मीनयाँकीरोनेहीकीजगहथी
मानिंद-ए-अब्रहरजामैंज़ारज़ाररोया
थीमस्लहतकिरुककरहिज्राँमेंजानदीजे
दिलखोलकरग़ममेंमैंएकबाररोया
इकइज्ज़इश्क़इसकाअस्बाब-ए-सद-अलमथा
कल'मीर'सेबहुतमैंहोकरदो-चाररोया
  - Meer Taqi Meer
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