be-ravi o zulf-e-yaar hai rone se kaam yaa | बे-रवी ओ ज़ुल्फ़-ए-यार है रोने से काम याँ

  - Meer Taqi Meer
बे-रवीज़ुल्फ़-ए-यारहैरोनेसेकामयाँ
दामनहैमुँहपेअब्र-ए-नमतसुब्ह-ओ-शामयाँ
आवाज़ाहीजहाँमेंहमारासुनाकरो
अन्क़ाकेतौरज़ीस्तहैअपनीब-नामयाँ
वस्फ़-ए-दहनसेउसकेआगेक़लमचले
या'नीक्याहैख़ा
मेंनेख़त्मकलामयाँ
ग़ालिबयेहैकिमौसम-ए-ख़तवाँक़रीबहै
आनेलगाहैमुत्तसिलउसकापयामयाँ
मतखाफ़रेब-ए-इज्ज़अज़ीज़ान-ए-हालका
पिन्हाँकिएहैंख़ाकमेंयारोंनेदामयाँ
कोईहुआदस्त-बसरशहर-ए-हुस्नमें
शायदनहींहैरस्म-ए-जवाबसलामयाँ
नाकामरहनेहीकातुम्हेंग़महैआज'मीर'
बहुतोंकेकामहोगएहैंकुलतमामयाँ
  - Meer Taqi Meer
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