ashk aankhoñ men kab nahin aata | अश्क आँखों में कब नहीं आता

  - Meer Taqi Meer
अश्कआँखोंमेंकबनहींआता
लोहूआताहैजबनहींआता
होशजातानहींरहालेकिन
जबवोआताहैतबनहींआता
सब्रथाएकमोनिस-ए-हिज्राँ
सोवोमुद्दतसेअबनहींआता
दिलसेरुख़्सतहुईकोईख़्वाहिश
गिर्याकुछबे-सबबनहींआता
इश्क़कोहौसलाहैशर्तअर्ना
बातकाकिसकोढबनहींआता
जीमेंक्याक्याहैअपनेहमदम
परसुख़नता-ब-लबनहींआता
दूरबैठाग़ुबार-ए-'मीर'उससे
इश्क़बिनयेअदबनहींआता
  - Meer Taqi Meer
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