har shakhs ki hai deeda-e-tar poochte chalo | हर शख़्स की है दीदा-ए-तर पूछते चलो

  - Meena Bhatt
हरशख़्सकीहैदीदा-ए-तरपूछतेचलो
वीरानक्यूँहैसारानगरपूछतेचलो
ख़ामोशक्यूँहैंअहल-ए-नज़रपूछतेचलो
क्यूँक़ैदहैंघरोंमेंबशरपूछतेचलो
हैख़ौफ़किसवबाकाख़बरपूछतेचलो
फैलीकहाँकहाँवोनगरपूछतेचलो
नाराज़हैंवोहमसेमगरपूछतेचलो
किसहालमेंहैंवोयेख़बरपूछतेचलो
रस्ताकठिनहैऔरसफ़रभीतवीलहै
कितनाबचाहैफिरभीसफ़रपूछतेचलो
उससेेबिछड़केहमभीपशेमानहैंबहुत
हैंबेक़रारवोभीअसरपूछतेचलो
येज़िन्दगीगुज़ारीहैख़िदमतमेंहीसदा
किसबोझसेझुकीहैकमरपूछतेचलो
अपनेपराएसबनेहीेआरीचलाईहै
कैसेखड़ाहैअबभीशजरपूछतेचलो
हरदमदिएहैंउसनेमुहब्बतमेंग़महमें
अबऔरक्याबचीहैकसरपूछतेचलो
आसाँनहींहैशा'इरी'मीना'येजानलो
गरसीखनाहोज़ेर-ओ-ज़बरपूछतेचलो
  - Meena Bhatt
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