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Meem Maroof Ashraf
vaaste jis ke sab ganwa daala
vaaste jis ke sab ganwa daala | वास्ते जिस के सब गँवा डाला
- Meem Maroof Ashraf
वास्ते
जिस
के
सब
गँवा
डाला
हम
को
उस
शख़्स
ने
भुला
डाला
अच्छे
ख़ासे
सुकूँ
से
बैठे
थे
फिर
किसी
याद
ने
रुला
डाला
मिस्ल-ए-का'बा
था
तुझ
को
क्या
मालूम
वो
मकाँ
तू
ने
जो
गिरा
डाला
बाज़ी-ए-'इश्क़
का
न
पूछो
तुम
जो
भी
कुछ
था
वो
सब
लगा
डाला
कल
तलक
तो
वो
था
लकीरों
में
और
फिर
दफ़'अतन
मिटा
डाला
प्यार
की
आख़िरी
निशानी
था
वो
तिरा
ख़त
भी
अब
जला
डाला
- Meem Maroof Ashraf
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जँचने
लगा
है
दर्द
मुझे
आपका
दिया
बर्बाद
करने
वाले
ने
ही
आसरा
दिया
कल
पहली
बार
लड़ने
की
हिम्मत
नहीं
हुई
मुझको
किसी
के
प्यार
ने
बुजदिल
बना
दिया
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Kushal Dauneria
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हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
हैं
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
ज़िंदगी
भर
की
मोहब्बत
का
सिला
ले
डूबे
कैसे
नादाँ
थे
तिरे
जान
से
जाने
वाले
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Vipul Kumar
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चलो
करके
देखेंगे
इज़हार
अब
की
मुहब्बत
न
होगी
अदावत
तो
होगी
Tiwari Jitendra
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मेरा
किरदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
ये
समझदार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
इश्क़
है
वादा-फ़रामोश
नहीं
है
कोई
दिल
तलबगार
मेरी
बात
कहाँ
सुनता
है
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Vishal Singh Tabish
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किताब-ए-इश्क़
में
हर
आह
एक
आयत
है
पर
आँसुओं
को
हुरूफ़-ए-मुक़त्तिआ'त
समझ
Umair Najmi
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ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
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फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
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हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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हम
अहल-ए-दिल
मोहब्बत
में
नहीं
करते
हैं
लफ़्फ़ाज़ी
जो
हम
को
करना
होता
है
वो
आख़िर
कर
गुज़रते
हैं
Meem Maroof Ashraf
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कितने
ऐश-ओ-निशात
के
दिन
थे
कुछ
भी
जब
आशकार
था
ही
नहीं
Meem Maroof Ashraf
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हुस्न
को
आज़मा
के
देख
लिया
अब
के
किरदार
देखना
है
हमें
Meem Maroof Ashraf
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इस
तरह
से
न
फेर
तू
नज़रें
याद
कर
था
कभी
हमारा
भी
ज़िक्र-ए-माज़ी
न
छेड़
तू
मुझ
से
बात
कर
रंज
के
अलावा
भी
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Meem Maroof Ashraf
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लौट
कर
आ
गया
दिसंबर
भी
वो
मगर
लौट
कर
नहीं
आया
Meem Maroof Ashraf
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