असरबातोंकातुझपरअबसितमगरकुछनहींहोता
क़सी-उल-क़ल्बइसदर्जाकिपत्थरकुछनहींहोता
यक़ींगरचेनआएआज़माकरदेखलीजेगा
सिवादुखकेमोहब्बतमेंमुयस्सरकुछनहींहोता
नज़रजोकामकरतीहैकहाँख़ंजरवोकरतेहैं
नज़रकेसामनेतलवार-ओ-नश्तरकुछनहींहोता
ग़ज़लअश'आरतेरेहुस्नकेमरहून-ए-मिन्नतहैं
येज़नतेरीबदौलतहैसुख़न-वरकुछनहींहोता
ज़रूरतहैउमरफ़ारूक़जैसेपेशवाओंकी
नज़रमेंजिनकीकमतरऔरबर-तरकुछनहींहोता
लुटाकरसबहुसैनइब्न-ए-अलीनेहमकोबतलाया
किआगेदीनकेअब्बास-ओ-अकबरकुछनहींहोता