kisi bhi shay pe aa jaane men kitnii der lagti hai | किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है

  - Manish Shukla
किसीभीशयपेजानेमेंकितनीदेरलगतीहै
मगरफिरदिलकोसमझानेमेंकितनीदेरलगतीहै
ज़रासावक़्तलगताहैकहींसेउठकेजानेमें
मगरफिरलौटकरआनेमेंकितनीदेरलगतीहै
बलाकारूपयेतेवरसरापाधारहीरेकी
किसीकेजानसेजानेमेंकितनीदेरलगतीहै
फ़क़तआँखोंकीजुम्बिशसेबयाँहोताहैअफ़्साना
किसीकोहालबतलानेमेंकितनीदेरलगतीहै
सभीसेऊबकरयूँँतोचलेआएहोख़ल्वतमें
मगरख़ुदसेभीउकतानेमेंकितनीदेरलगतीहै
शुऊर-ए-मय-कदाइसकीइजाज़तहीनहींदेता
वगर्नाजामछलकानेमेंकितनीदेरलगतीहै
येशीशेकाबदनलेकरनिकलतोआएहोलेकिन
किसीपत्थरसेटकरानेमेंकितनीदेरलगतीहै
  - Manish Shukla
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy