yuñ to aapas men bigadte hain KHafaa hote hain | यूँँ तो आपस में बिगड़ते हैं ख़फ़ा होते हैं

  - Majrooh Sultanpuri
यूँँतोआपसमेंबिगड़तेहैंख़फ़ाहोतेहैं
मिलनेवालेकहींउल्फ़तमेंजुदाहोतेहैं
हैंज़मानेमेंअजबचीज़मोहब्बतवाले
दर्दख़ुदबनतेहैंख़ुदअपनीदवाहोतेहैं
हाल-ए-दिलमुझसेपूछोमिरीनज़रेंदेखो
राज़दिलकेतोनिगाहोंसेअदाहोतेहैं
मिलनेकोयूँँतोमिलाकरतीहैंसबसेआँखें
दिलकेजानेकेअंदाज़जुदाहोतेहैं
ऐसेहंसहंसकेदेखाकरोसबकीजानिब
लोगऐसीहीअदाओंपेफ़िदाहोतेहैं
  - Majrooh Sultanpuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy