jala ke mish'al-e-jaan ham junoon-sifaat chale | जला के मिशअल-ए-जाँ हम जुनूँ-सिफ़ात चले

  - Majrooh Sultanpuri
जलाकेमिशअल-ए-जाँहमजुनूँ-सिफ़ातचले
जोघरकोआगलगाएहमारेसाथचले
दयार-ए-शामनहींमंज़िल-ए-सहरभीनहीं
अजबनगरहैयहाँदिनचलेरातचले
हमारेलबसहीवोदहान-ए-ज़ख़्मसही
वहींपहुँचतीहैयारोकहींसेबातचले
सुतून-ए-दारपेरखतेचलोसरोंकेचराग़
जहाँतलकयेसितमकीसियाहरातचले
हुआअसीरकोईहम-नवातोदूरतलक
ब-पास-ए-तर्ज़-ए-नवाहमभीसाथसाथचले
बचाकेलाएहमयारफिरभीनक़्द-ए-वफ़ा
अगरचेलुटतेरहेरहज़नोंकेहाथचले
फिरआईफ़स्लकिमानिंदबर्ग-ए-आवारा
हमारेनामगुलोंकेमुरासलातचले
क़तार-ए-शीशाहैयाकारवान-ए-हम-सफ़राँ
ख़िराम-ए-जामहैयाजैसेकाएनातचले
भुलाहीबैठेजबअहल-ए-हरमतो'मजरूह'
बग़लमेंहमभीलिएइकसनमकाहाथचले
  - Majrooh Sultanpuri
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