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Kabir Altamash
main KHud nahin jaanta tha ai pyaare dost
main KHud nahin jaanta tha ai pyaare dost | मैं ख़ुद नहीं जानता था ऐ प्यारे दोस्त
- Kabir Altamash
मैं
ख़ुद
नहीं
जानता
था
ऐ
प्यारे
दोस्त
मैं
ख़ुद-कुशी
की
तरफ़
जाऊँगा
कभी
- Kabir Altamash
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अब
दोस्त
कोई
लाओ
मुक़ाबिल
में
हमारे
दुश्मन
तो
कोई
क़द
के
बराबर
नहीं
निकला
Munawwar Rana
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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दाग़
दुनिया
ने
दिए
ज़ख़्म
ज़माने
से
मिले
हम
को
तोहफ़े
ये
तुम्हें
दोस्त
बनाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
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खुशियाँ
उसी
के
साथ
हैं
जो
ग़म
गुसार
है
ऐसे
हरेक
शख़्स
ही
दुनिया
का
यार
है
Sunny Seher
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मुझको
ये
मालूम
नहीं
था
तुम
सेे
मिलने
से
पहले
दोस्त
जल्दी
आँखें
भरने
वालों
के
मन
जल्दी
भर
जाते
हैं
Vikas Rana
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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हमारे
दरमियाँ
जो
प्यार
से
पहले
की
यारी
थी
बिछड़
कर
अब
ये
लगता
है
वो
यारी
ज़्यादा
प्यारी
थी
बिछड़ना
उसकी
मर्ज़ी
थी,
उसे
उतरन
न
कहना
तुम
वो
अब
उतनी
ही
उसकी
है
वो
तब
जितनी
तुम्हारी
थी
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Alankrat Srivastava
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फिर
आज
यारों
ने
तुम्हारी
बात
की
फिर
यार
महफ़िल
में
मिरी
खिल्ली
उड़ी
Harsh saxena
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मैं
दिल
को
सख़्त
करके
उस
गली
जा
तो
रहा
हूँ
दोस्त
करूँँगा
क्या
अगर
वो
ही
शरारत
पर
उतर
आया
Harsh saxena
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तुझे
ये
पता
है
अगर
तो
बता
तेरी
याद
क्यूँ
खींचती
है
मुझे
Kabir Altamash
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कितने
ग़म
हैं
यार
मुझे
अब
कौन
करेगा
प्यार
मुझे
अब
कोई
करता
था
ठीक
मुझे
करता
है
बीमार
मुझे
अब
मैं
हूँ
ना,
सब
कहते
थे
कहते
हैं
लाचार
मुझे
अब
तारीफ
सुनी
जिन
कानों
ने
सुनती
हैं
बेकार
मुझे
अब
छोड़ा
था
कभी
मैंने
घर
को
छोड़
दिया
घर
-
बार
मुझे
अब
लगता
था
सब
अपने
ही
हैं
लगते
हैं
मक्कार
मुझे
अब
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Kabir Altamash
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अब
उसको
भी
मेरी
आदत
है
बोल
रहा
था
जो
तू
आफ़त
है
ढूंढ
रहे
हैं
अब
भी
उनको
हम
जिनका
दिखना
यार
क़यामत
है
जिस
सेे
मुझको
यार
मोहब्बत
थी
उस
सेे
क्यूँ
मुझको
अब
नफ़रत
है
देखा
माँ
के
क़दमों
के
नीचे
नीचे
सचमुच
में
इक
जन्नत
है
इस
दुनिया
में
इक
ही
लड़की
है
जिसपर
दुनिया
भर
की
लानत
है
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Kabir Altamash
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देखो
ऐसी
बात
नहीं
है
मेरा
है
बस
साथ
नहीं
है
रात
अगर
वो
याद
न
आए
समझो
दिन
है
रात
नहीं
है
कैसे
धोखा
दे
सकता
है
ये
तो
उसकी
ज़ात
नहीं
है
मैं
थक
जाता
हूँ
जी-जी
कर
लेकिन
मेरी
मात
नहीं
है
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Kabir Altamash
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मुझको
कहना
है
उसके
बच्चों
से
आपकी
माँ
ने
मुझको
छोड़ा
था
Kabir Altamash
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