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Kabir Altamash
tujhe ye pata hai agar to bataa
tujhe ye pata hai agar to bataa | तुझे ये पता है अगर तो बता
- Kabir Altamash
तुझे
ये
पता
है
अगर
तो
बता
तेरी
याद
क्यूँ
खींचती
है
मुझे
- Kabir Altamash
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बिछड़
गया
हूँ
मगर
याद
करता
रहता
हूँ
किताब
छोड़
चुका
हूँ
पढ़ाई
जारी
है
Ali Zaryoun
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इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
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ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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जब
भी
कोई
मंज़िल
हासिल
करता
हूँ
याद
बहुत
आती
हैं
तेरी
ता'रीफ़ें
Tanoj Dadhich
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जाते
जाते
आप
इतना
काम
तो
कीजे
मिरा
याद
का
सारा
सर-ओ-सामाँ
जलाते
जाइए
Jaun Elia
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तेरा
बनता
था
कि
तू
दुश्मन
हो
अपने
हाथों
से
खिलाया
था
तुझे
तेरी
गाली
से
मुझे
याद
आया
कितने
तानों
से
बचाया
था
तुझे
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Ali Zaryoun
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मरने
का
है
ख़याल
ना
जीने
की
आरज़ू
बस
है
मुझे
तो
वस्ल
के
मौसम
की
जुस्तजू
Muzammil Raza
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तुमने
किया
न
याद
कभी
भूल
कर
हमें
हमने
तुम्हारी
याद
में
सब
कुछ
भुला
दिया
Bahadur Shah Zafar
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इक
अजब
हाल
है
कि
अब
उस
को
याद
करना
भी
बे-वफ़ाई
है
Jaun Elia
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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तुम्हारे
दिल
से
निकल
कर
पछता
रहे
हैं
हम
सितम
तो
ये
है
कि
दिल
को
समझा
रहे
हैं
हम
कि
आओ
मुझको
चले
जाओ
तुम
कहीं
ले
कर
बहुत
अपने
आप
से
अब
उकता
रहे
हैं
हम
तुम्हें
क्या
मालूम
तुम
तो
अब
आई
हो
लड़की
किसी
लड़की
के
लिए
ही
क्या
क्या
रहे
हैं
हम
तुम्हारा
ये
प्यार
हम
सेे
क्या
क्या
कराएगा
ख़ुदा
ने
दी
है
ज़बाँ
पर
तुतला
रहे
हैं
हम
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Kabir Altamash
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हम
दोनों
मिल
कर
इक
झगड़े
को
खींच
रहे
हैं
मतलब
हम
दोनों
इस
रिश्ते
को
खींच
रहे
हैं
डूब
गया
था
जो
बरसों
पहले
घर
वो
अपना
अब
उस
घर
के
हर
इक
मलबे
को
खींच
रहे
हैं
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Kabir Altamash
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जितने
भी
मेरे
अपने
हैं
सारे
ही
मुझपर
हँसते
हैं
डरना
क्यूँँ
हमको
मरने
से
हम
तो
हर
दिन
मर
सकते
हैं
देखो
अब
ये
मत
कहना
तुम
सारे
लड़के
इक
जैसे
हैं
सूख
गई
है
आँखें
मेरी
सोचो
हम
कितना
रोए
हैं
तुम
रस्ता
मत
रोको
मेरा
हम
तो
बस
मरने
निकले
हैं
बस
ऐसे
ही
हम
आए
थे
अच्छा
तो
अब
हम
चलते
हैं
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Kabir Altamash
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तुमको
देखा
तो
ये
मालूम
हुआ
मुझको
तुम
सेे
मिलती
आई
है
यार
हवा
मुझको
अब
मैं
क्योंकर
न
उदास
रहूँ
यारों
बोलो
मैंने
जिसको
चाहा
वो
छोड़
गया
मुझको
मुझको
क्या
लेना
उस
रब
से
जो
सबका
है
बस
तुम
ही
लगते
हो
अब
यार
ख़ुदा
मुझको
एक
तरफ़
दुनिया
थी
और
एक
तरफ़
मैं
थी
उस
शहज़ादे
ने
अपने
आप
चुना
मुझको
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Kabir Altamash
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तुम
सेे
मिल
कर
ये
कहना
है
मुझको
साथ
तुम्हारे
ही
रहना
है
मुझको
एक
नदी
हो
तुम
उस
गंगा
जैसी
तुझ
में
अब
घुल
कर
बहना
है
मुझको
बाद
तुम्हारे
मैं
मरने
जाऊँगा
बाद
तुम्हारे
क्यूँ
रहना
है
मुझको
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Kabir Altamash
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