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Kabir Altamash
ham dono mil kar ik jhagde ko kheench rahe hain
ham dono mil kar ik jhagde ko kheench rahe hain | हम दोनों मिल कर इक झगड़े को खींच रहे हैं
- Kabir Altamash
हम
दोनों
मिल
कर
इक
झगड़े
को
खींच
रहे
हैं
मतलब
हम
दोनों
इस
रिश्ते
को
खींच
रहे
हैं
डूब
गया
था
जो
बरसों
पहले
घर
वो
अपना
अब
उस
घर
के
हर
इक
मलबे
को
खींच
रहे
हैं
- Kabir Altamash
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नदी
को
कोसते
हैं
सब
किसी
के
डूब
जाने
पर
नदी
में
डूबते
को
पर
कोई
तिनका
नहीं
देता
Alankrat Srivastava
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जब
अपना
दिल
ख़ुद
ले
डूबे
औरों
पे
सहारा
कौन
करे
कश्ती
पे
भरोसा
जब
न
रहा
तिनकों
पे
भरोसा
कौन
करे
Anand Narayan Mulla
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ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
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मैं
इस
ख़याल
से
शर्मिंदगी
में
डूब
गया
कि
मेरे
होते
हुए
वो
नदी
में
डूब
गया
Siraj Faisal Khan
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आता
है
जो
तूफ़ाँ
आने
दे
कश्ती
का
ख़ुदा
ख़ुद
हाफ़िज़
है
मुमकिन
है
कि
उठती
लहरों
में
बहता
हुआ
साहिल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
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जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
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दूर
से
ही
बस
दरिया
दरिया
लगता
है
डूब
के
देखो
कितना
प्यासा
लगता
है
Waseem Barelvi
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जो
उस
तरफ़
से
इशारा
कभी
किया
उस
ने
मैं
डूब
जाऊंगा
दरिया
को
पार
करते
हुए
Ghulam Murtaza Rahi
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बीच
भँवर
से
कश्ती
कैसे
बच
निकली
बहुत
दिनों
तक
दरिया
भी
हैरान
रहा
Madan Mohan Danish
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मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
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हो
गए
आप
मुझ
सेे
इतना
दूर
है
ज़मीं
से
वो
चाँद
जितना
दूर
अब
दिखाई
भी
तुम
नहीं
देते
तुम
कहाँ
हो
बताओ
कितना
दूर
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Kabir Altamash
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कहाँ
पे
था
कहाँ
मैं
आ
गया
देखो
जहाँ
भी
हो
मुझे
अब
टूटता
देखो
उसे
मालूम
कैसे
होगा
मेरा
दुख
किसी
के
दुख
में
है
वो
मुब्तिला
देखो
मुझे
अब
आइना
जो
तुम
दिखाते
हो
कभी
तुम
भी
ज़रा
सा
आइना
देखो
उसे
तो
चाहता
था
मैं,
मगर
उसने
न
जाने
क्यूँँ,
मिरा
ऐसा
किया
देखो
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Kabir Altamash
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जितने
भी
मेरे
अपने
हैं
सारे
ही
मुझपर
हँसते
हैं
डरना
क्यूँँ
हमको
मरने
से
हम
तो
हर
दिन
मर
सकते
हैं
देखो
अब
ये
मत
कहना
तुम
सारे
लड़के
इक
जैसे
हैं
सूख
गई
है
आँखें
मेरी
सोचो
हम
कितना
रोए
हैं
तुम
रस्ता
मत
रोको
मेरा
हम
तो
बस
मरने
निकले
हैं
बस
ऐसे
ही
हम
आए
थे
अच्छा
तो
अब
हम
चलते
हैं
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Kabir Altamash
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अब
हमारे
पेड़
सारे
ये
कहाँ
ही
जानते
हैं
एक
लड़की
ने
कहा
था
मुझ
सेे
इक
पौधा
लगाना
Kabir Altamash
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अभी
भी
लौट
आओ
तुम
जहाँ
भी
हो
तुम्हारे
बिन
मेरी
दुनिया
अधूरी
है
Kabir Altamash
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