main khwahishon se apna haath nahin kheench sakti | मैं ख़्वाहिशों से अपना हाथ नहीं खींच सकती

  - Mahmooda Gaziya
मैंख़्वाहिशोंसेअपनाहाथनहींखींचसकती
जबतकख़्वाहिशेंमुझसेखींचजाएँ
येकाफ़ीहैऔरमेरेलिएसब
मेरीगर्दनपरमेरेमहबूबकाचेहरासजादो
यामेरीरूहकोआज़ादहोजानेदो
येभीकाफ़ीहैऔरमेरेलिएबहुतहै
मैंउसकीख़्वाहिशसेकुछकमहूँयाज़राज़ियादा
ज़ाहिरहैगर्दमुझेछुपालेतीहै
मेरीरूहमेरेहोंटोंपरहै
उड़नेकेलिएबे-ताब
क्याउसकेहोंटमुझेअम्नकासबक़देंगे?
औरयेभीमेरेलिएबहुतहै
  - Mahmooda Gaziya
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