bas tamannaa hai ishq-e-maula men | बस तमन्ना है इश्क़-ए-मौला में

  - Maatam Fazl Mohammad
बसतमन्नाहैइश्क़-ए-मौलामें
किमरूँमैंयहीतमन्नामें
इश्क़-ए-ख़ूबाँनहींहैऐसीशय
बाँधकररखिएजिसकोपुड़ियामें
रुख़-ए-अफ़्शाँमेंतेरेआलम-ए-नूर
नमक़मरमेंहैनमसुरय्यामें
यद-ए-बैज़ाकाहैख़यालआता
देखमेहंदीतिरेकफ़-ए-पामें
तेरेबीमार-ए-हिज्रमहबूब
तोमोतीमेंहैंअहयामें
वहदहू-ला-शरीक-लाहैतू
तुझसादुनियामेंहैउक़्बामें
तुझकोक्यूँँकरकहेंहमहरजाई
नूरतोजल्वा-गरहैहरजामें
क्याकहूँदिनकोकिसक़दररोया
रातदिलबरकोदेखरूयामें
इश्क़लगतेहीहोगयामालूम
हाल-ए-मज्नूँइश्क़-ए-लैलामें
मरज़-ए-इश्क़हुस्न-ए-ख़ूबाँका
मर्गदरमाँहैनामहुकमामें
हासिल-उल-अम्रहमहुएबदनामइश्क़हुस्न-ए-बुतान-ए-ज़ेबामें
रुख़-ए-यूसुफ़सेरुख़मुशाबहहै
लबहैंमिलतेलब-ए-मसीहामें
आब-ए-बाराँसेगिरपाएमदद
ख़ाकपड़जाएचश्म-ए-दरियामें
येदु'आहक़सेहैमिरा'मातम'
दफ़्नहोकर्बला-मुअ'ल्लामें
  - Maatam Fazl Mohammad
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