koi sunta nahin sehra ki sadaa ho jaise | कोई सुनता नहीं सहरा की सदा हो जैसे

  - M. Nasrullah Nasr
कोईसुनतानहींसहराकीसदाहोजैसे
मेरीफ़रियादभीमुफ़्लिसकीदु'आहोजैसे
तेरेआनेसेयेएहसासहुआहैमुझको
बा'दमुद्दतकेदियाघरमेंजलाहोजैसे
वक़्त-ए-रुख़्सततिरीपलकोंपेचमकतेआँसू
थरथरातासाहवाओंमेंदियाहोजैसे
तेरेरुख़्सारपेफैलेहुएगेसूहमदम
रुख़पेमहताबकेसावनकीघटाहोजैसे
अपनेहालातकीतशरीहफ़क़तहैइतनी
तपतेसहरामेंकोईशख़्सखड़ाहोजैसे
ज़िंदगीऐसेमसाइलमेंघिरीहैउसकी
'नस्र'परकोईबुरावक़्तपड़ाहोजैसे
  - M. Nasrullah Nasr
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