galiyon men mirii gaav ka dar bol raha hai | गलियों में मिरी गाँव का डर बोल रहा है

  - M. I. Sajid
गलियोंमेंमिरीगाँवकाडरबोलरहाहै
लगताहैसियासतकाअसरबोलरहाहै
छालेहैंमिरेपाँवमेंपुर-ख़ारहैरस्ता
आसाँनहींमंज़िलयेसफ़रबोलरहाहै
तन्हाइयाँरखतीकहींकाहमेंलोगों
बच्चोंकेचहकनेसेयेघरबोलरहाहै
साज़िशकेसबबआगलगाईगईहरसू
बस्तीमेंउजालोंकासफ़रबोलरहाहै
ऐसेभीकियाजाताहैसच्चाईकोज़ाहिर
नेज़ेपेलटकताहुआसरबोलरहाहै
कलतकजोरिया-कारोंकेचंगुलमेंफँसाथा
अबमेरीहिमायतमेंनगरबोलरहाहै
होताज-महलयाकिअजंताकीगुफाएँ
फ़नकारकेहाथोंकाहुनरबोलरहाहै
दुश्मनहैवोरावनकीतरहवारकरेगा
हरसम्तफ़सादातकाडरबोलरहाहै
इकतुमहीनहींबोलनेवालेयहाँ'साजिद'
कहनेदोउसेवोभीअगरबोलरहाहै
  - M. I. Sajid
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