yuñ nikalti hai mirii baat dehan se us ke | यूँँ निकलती है मिरी बात दहन से उस के

  - Lutf-ur-rahman
यूँँनिकलतीहैमिरीबातदहनसेउसके
जैसेबरसोंकातआरुफ़होबदनसेउसके
यूँँसर-ए-बज़्ममिलाटूटकेइकउम्रपेवो
हमभीघबरागएबे-साख़्ता-पनसेउसके
उसकालहजाहैकिबहतीहुईनग़्मोंकीनदी
जैसेइल्हामकीबारिशहोसुख़नसेउसके
उससेमिलकेभीख़लाअबभीवहीरूहमेंहै
मुतमइनदिलभीनहींसर्व-ओ-समनसेउसके
ख़िल्क़त-ए-शहरनेअफ़्सानेतराशेक्याक्या
दिलतही-दस्तहीलौटाहैचमनसेउसके
इसतरहशहरसलीबोंसेसजायाउसने
कोईमहफ़ूज़नहींदार-ओ-रसनसेउसके
देखनाकिसकेलहूसेहैचराग़ाँमक़्तल
एकउगताहुआसूरजहैकफ़नसेउसके
  - Lutf-ur-rahman
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