apne lafzon men ki har chand ayaan hooñ main bhi | अपने लफ़्ज़ों में कि हर चंद अयाँ हूँ मैं भी

  - Lutf-ur-rahman
अपनेलफ़्ज़ोंमेंकिहरचंदअयाँहूँमैंभी
बनकेज़ख़्मोंकीकसकख़ुदमेंनिहाँहूँमैंभी
तेरेआग़ाज़सेअंजामहैरौशनमेरा
बर्ग-ए-आवाराकोईख़ाक-ए-रवाँहूँमैंभी
मो'तबरअबतोबनानिगह-ए-नाज़मुझे
इसभरेशहरमेंबेनाम-ओ-निशाँहूँमैंभी
वज़्अ'-दारीकाख़रीदारकहींसेलाओ
अपनीतहज़ीबकीउठतीसीदुकाँहूँमैंभी
तेरेख़्वाबोंसेहैआबादख़राबामेरा
तेरीयादोंमेंकराँ-ता-ब-कराँहूँमैंभी
  - Lutf-ur-rahman
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy