nahin ye zid ki har ik dard tu mira le ja | नहीं ये ज़िद कि हर इक दर्द तू मिरा ले जा

  - Lutf-ur-rahman
नहींयेज़िदकिहरइकदर्दतूमिरालेजा
जोहोसकेतोयेबरसोंकारत-जगालेजा
तिरातोक्याकिख़ुदअपनाभीमैंकभीरहा
मिरेख़यालसेख़्वाबोंकासिलसिलालेजा
किसीनेदूरबहुतदूरसेपुकाराफिर
दिलोंकीक़ुर्बतेंआँखोंकाफ़ासलालेजा
निकलगयाहूँबहुतअपनीज़ातसेआगे
तूमुझसेमेरेबिछड़नेकासानेहालेजा
मैंख़ुदहीअपनेतआक़ुबमेंफिररहाहूँअभी
उठाकेतूमेरीराहोंसेरास्तालेजा
अजीबज़हररवाँहैलहूकीगर्दिशमें
कभीतोशोलागी-ए-जाँकाज़ाइक़ालेजा
अमीर-ए-शहरमुझेहुर्मत-ए-हुनरहैबहुत
येअपनातुर्रा-ए-दस्तारयेक़बालेजा
  - Lutf-ur-rahman
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