aaj tak behka nahin baahar se deew | आज तक बहका नहीं बाहरस दीवाना तिरा

  - Lutf-ur-rahman
आजतकबहकानहींबाहरसदीवानातिरा
हौसलेमेरीनिगाहोंकेहैंपैमानातिरा
रातभरशबनमकीआँखोंसेसहरकीमाँगमें
मैंजिसेलिखतारहावोभीथाअफ़्सानातिरा
येतिरेदरियासलामतयेतिरेबादलब-ख़ैर
लुटरहेहैंख़ुमपेख़ुमसाबितहैमय-ख़ानातिरा
आँसुओंकीआब-ए-जूहाइलहैवर्नालाऊँमैं
मेरीनज़रोंकाशररआँखोंकाख़स-ख़ानातिरा
दिलमेंधड़कनकीतरहसाँसोंमेंख़ुशबूकीतरह
अबख़यालोंमेंभीकबआताहैवोआनातिरा
अव्वलअव्वलतोतमाज़तदोपहरकेदश्तकी
आख़िरआख़िरअपनीनज़रोंकोझुकाजानातिरा
रेज़ारेज़ाकरगईपत्थरकोभीशबनमकीचोट
हाएकिसदिलसेमगरवोमुझकोसमझानातिरा
  - Lutf-ur-rahman
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