jab dil men teri yaad na aankhoñ men neend thii | जब दिल में तेरी याद न आँखों में नींद थी

  - Lutf-ur-rahman
जबदिलमेंतेरीयादआँखोंमेंनींदथी
ऐसीभीएकरातमुझेकाटनीपड़ी
जिसकेबग़ैरपुलकागुज़रनामुहालथा
उसजान-ए-जाँकीयादभीमेहमानबनगई
पहलूमेंभीतिरेग़म-ए-दौराँकाडररहा
कार-ए-जहाँनेयूँँमिरीमिट्टीख़राबकी
जिसकेलिएयेख़ाक-बसरउम्रभररहा
उसनेदिल-ए-ग़रीबकीकोईख़बरकी
जीनानहींथाखेलमगरतेरेनामपर
हमनेयेक़ैद-ए-सख़्तभीहँसकरगुज़ारदी
  - Lutf-ur-rahman
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