ज़मीन-ए-चश्म-ए-नममेंहमकोतेराख़्वाबबोनाथा
तिरीहरयादकामोतीतोपलकोंमेंपिरोनाथा
मिलनकेमौसमोंमेंजानेक्यूँँमैंभूलबैठीथी
तुझेभीशहरकीइसभीड़मेंऐदोस्तखोनाथा
फ़क़तअपनेख़यालोंसेनबाँधोयूँँमिरेदिलबर
कभीदेतेरिहाईमुझकोभीकुछदेरसोनाथा
गिराहैतोकईटुकड़ोंमेंवोबिखरापड़ाहोगा
तुम्हारेनमसेहाथोंमेंजोशीशेकाखिलौनाथा
नजानेवक़्तनेक्यूँँफ़ासलेयेदेदिएवर्ना
तुम्हीतोमेरेजैसेथेतुम्हेंतोमेराहोनाथा