kuchh kahte zaroor un se goyaai nahin baaki | कुछ कहते ज़रूर उन से गोयाई नहीं बाक़ी

  - Lubna Safdar
कुछकहतेज़रूरउनसेगोयाईनहींबाक़ी
सूरततोहसींहोगीबीनाईनहींबाक़ी
दुख-दर्दकीसाथीथीमिलनाहैमुहालउसका
इकहश्रसाबरपाहैतन्हाईनहींबाक़ी
अबदिलमेंहैक्यामेरेइसबातकोतुमछोड़ो
इसराह-ए-मोहब्बतमेंपस्पाईनहींबाक़ी
हालातकीशिद्दतनेझुलसाएबदनऐसे
चेहरेकीज़ियारुख़्सतज़ेबाईनहींबाक़ी
कुछरंग-ए-ख़िज़ाँनेभीगुलऐसेखिलाएहैं
लहजोंमेंकहींभीतोरा'नाईनहींबाक़ी
  - Lubna Safdar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy