dil pe jazbon ka raaj hai sahab | दिल पे जज़्बों का राज है साहब इश्क़ अपना मिज़ाज है साहब

  - Lubna Safdar
दिलपेजज़्बोंकाराजहैसाहबइश्क़अपनामिज़ाजहैसाहब
दश्तकीरेतहैबहुतप्यासी
आबलोंकाख़िराजहैसाहब
पास-ए-हुरमतनहींहैलफ़्ज़ोंकी
कैसावहशीसमाजहैसाहब
आपकोभूलहीनहींपाती
मेराकोईइलाजहैसाहब
साँसभीठीकसेनहींआता
नफ़रतोंकारिवाजहैसाहब
कुछभीबदलानहींहैदुनियामें
जोभीकलथावोआजहैसाहब
मेराहिस्सानहींमुक़द्दरमें
येमिराएहतिजाजहैसाहब
  - Lubna Safdar
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