hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Lokesh Singh
jalta raha charaaghh biyaabaan men jahaan
jalta raha charaaghh biyaabaan men jahaan | जलता रहा चराग़ बियाबान में जहाँ
- Lokesh Singh
जलता
रहा
चराग़
बियाबान
में
जहाँ
हम
भी
चले
गए
वहाँ
पर
बेबसी
के
साथ
- Lokesh Singh
Download Sher Image
बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
34 Likes
सात
टुकड़े
हुए
मेरे
दिल
के
एक
हफ़्ता
लगा
सँभलने
में
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
34 Likes
इस
से
पहले
कि
बिछड़
जाएँ
हम
दो
क़दम
और
मिरे
साथ
चलो
मुझ
सा
फिर
कोई
न
आएगा
यहाँ
रोक
लो
मुझको
अगर
रोक
सको
Read Full
Nasir Kazmi
Send
Download Image
38 Likes
दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
Read Full
Akhtar Shumar
Send
Download Image
43 Likes
मुझे
अब
आइनों
की
क्या
ज़रूरत
मैं
अपने
साथ
अब
रहने
लगा
हूँ
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
39 Likes
ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
Read Full
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
82 Likes
क्यूँँ
चलते
चलते
रुक
गए
वीरान
रास्तो
तन्हा
हूँ
आज
मैं
ज़रा
घर
तक
तो
साथ
दो
Adil Mansuri
Send
Download Image
26 Likes
तुम्हें
ज़रूर
कोई
चाहतों
से
देखेगा
मगर
वो
आँखें
हमारी
कहाँ
से
लाएगा
तुम्हारे
साथ
ये
मौसम
फ़रिश्तों
जैसा
है
तुम्हारे
बा'द
ये
मौसम
बहुत
सताएगा
Read Full
Bashir Badr
Send
Download Image
45 Likes
दिवाली
भी
दिवाली
अब
नहीं
है
तुम्हारे
साथ
हर
दिन
थी
दिवाली
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
45 Likes
अँधेरों
में
भले
ही
साथ
छोड़ा
था
हमारा
मगर
जब
रौशनी
लौटी
तो
साए
लौट
आए
Vikas Sahaj
Send
Download Image
41 Likes
Read More
हुई
है
हाजिरी
मेरी
यहाँ
झूटों
की
बस्ती
में
बहुत
मुमकिन
यहाँ
सच
बोलने
में
आज
सर
जाएँ
Lokesh Singh
Send
Download Image
1 Like
रेत
भर
कर
आ
गया
हूँ
ज़िस्म
में
अब
है
मुझ
में
दरिया
पी
जाने
का
फ़न
Read Full
Lokesh Singh
Send
Download Image
1 Like
दर्द
आँखों
में
आया
उतर
कर
इस
तरह
मैंने
ख़ुद
को
सज़ा
दी
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
आँखों
में
रेत
रेत
है
जाए
जिधर
नज़र
आँखों
से
हमने
इतने
समुंदर
बहा
दिए
Lokesh Singh
Send
Download Image
0 Likes
समझाता
रहता
हूँ
इस
दिल
को
अक्सर
और
उसी
के
साथ
उलझता
रहता
हूँ
Lokesh Singh
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Qasid Shayari
Tevar Shayari
Aitbaar Shayari
Zulf Shayari
Aurat Shayari